Chhath Puja 2026 Date: जानिए साल 2026 में छठ पूजा कब है? पंचांग के अनुसार नहाय-खाय, खरना और अर्घ्य का सटीक समय Chhath Puja 2026 Date in India: हिंदू धर्म में छठ पूजा को केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था का महापर्व माना जाता है। मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला यह चार दिवसीय व्रत अब पूरे विश्व में अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। छठ पूजा का यह पावन व्रत संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होकर सप्तमी तिथि तक चलता है। इस व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसमें व्रती पूरे 36 घंटे तक बिना अन्न-जल के (निर्जला) उपवास रखते हैं। अगर आप भी साल 2026 में छठ महापर्व की सही तारीखों, नहाय-खाय, खरना और सूर्य देव को अर्घ्य देने के सटीक समय को लेकर जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो आइए जानते हैं छठ पूजा 2026 का पूरा कैलेंडर (Chhath Puja 2026 Complete Dates & Timings) । छठ पूजा 2026 का पूरा शेड्यूल (Chhath Puja 2026 4-Days Calendar) साल 2026 में छठ...
मृतसञ्जीवन स्तोत्र, ये स्तोत्र महर्षि वशिष्ठ द्वारा रचित है। अकस्मात मृत्यु से रक्षा करता है यह स्तोत्र और इसको कवच रूप में पाठ किया जाता है। इस स्तोत्र में महेश्वर से सभी प्रकार से रक्षा करने की प्रार्थना की जाती है। आइए शुरू करते हैं... ।। श्री मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् ।। एवमारध्य गौरीशं देवं मृत्युञ्जयमेश्वरं। मृतसञ्जीवनं नाम्ना कवचं प्रजपेत् सदा ॥१॥ गौरीपति मृत्युञ्जयेश्र्वर भगवान् शंकर की विधिपूर्वक आराधना करने के पश्र्चात भक्तको सदा मृतसञ्जीवन नामक कवचका सुस्पष्ट पाठ करना चाहिये। सारात् सारतरं पुण्यं गुह्याद्गुह्यतरं शुभं। महादेवस्य कवचं मृतसञ्जीवनामकं ॥ २॥ महादेव भगवान् शङ्कर का यह मृतसञ्जीवन नामक कवच का तत्त्वका भी तत्त्व है, पुण्यप्रद है गुह्य और मङ्गल प्रदान करनेवाला है। समाहितमना भूत्वा शृणुष्व कवचं शुभं। शृत्वैतद्दिव्य कवचं रहस्यं कुरु सर्वदा ॥३॥ [आचार्य शिष्य को उपदेश करते हैं कि – हे वत्स! ] अपने मनको एकाग्र करके इस मृतसञ्जीवन कवच को सुनो। यह परम कल्याणकारी दिव्य कवच है। इसकी गोपनीयता सदा बनाये रखना। वराभयकरो यज्वा सर्वदेवनिषेवितः। ...