"माँ मातंगी साधना : आप सभी को मेरा नमस्कार। आज मैं इस पोस्ट के माध्यम से आप सब को 9वीं महाविद्या माँ मातंगी की साधना के बारे में अवगत कराने का प्रयास करूँगा। तंत्र शास्त्रों के अनुसार, माँ मातंगी साधना विधि, मंत्र और कवच का पालन करने से साधक को समस्त प्रकार के भौतिक सुख प्राप्त होते हैं..." आप सभी मां के भक्त जन साल के किसी भी नवरात्री /गुप्त नवरात्री /अक्षय तृतीया या किसी भी शुभ मुहूर्त या शुक्ल पक्ष में शुरु कर सकते हैं. इस साल 2026 में शारदीय नवरात्री, 11 अक्टूबर 2026 से है, मां को प्रसन्न कर सकते हैं और जो भी माँ मातंगी की साधना करना चाहते है, जो अपने जीवन में गृहस्थ समस्याओं से कलह कलेश आर्थिक तंगी ओर रोग ,तंत्र जादू टोना से पीड़ित है वो मां मातंगी जी की साधना एक बार जरूर करके देखे उन्हें जरूर लाभ होगा ये मेरा विश्वास है। मां अपने शरण में आए हुए हर भक्त की मनोकानाएं पूर्ण करती है।ये साधना रात को पूरे 10 बजे शुरू करे।इस साधना में आपको जो जरूरी सामग्री चाहिए वो कुछ इस प्रकार है। मां मातंगी जी की प्रतिमा अगर आपको वो नहीं मिलती तो आप सुपारी को ही मा...
वेदसार शिव स्तोत्र (Vedasara Shiva Stotram) पशूनां पतिं पापनाशं परेशं गजेन्द्रस्य कृत्तिं वसानं वरेण्यम्। जटाजूटमध्ये स्फुरद्गांगवारिं महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम्।।1।। महेशं सुरेशं सुरारार्तिनाशं विभुं विश्वनाथं विभूत्यंगभूषम्। विरूपाक्षमिन्द्वर्कवह्नित्रिनेत्रं सदानन्दमीडे प्रभुं पंचवक्त्रम्।।2।। गिरीशं गणेशं गले नीलवर्णं गवेन्द्राधिरूढ़ं गणातीतरूपम्। भवं भास्वरं भस्मना भूषितांग भवानीकलत्रं भजे पंचवक्त्रम्।।3।। शिवाकान्त शम्भो शशांकार्धमौले महेशान शूलिन् जटाजूटधारिन्। त्वमेको जगद्व्यापको विश्वरूप प्रसीद प्रसीद प्रभो पूर्णरूप।।4।। परात्मानमेकं जगद्वीजमाद्यं निरीहं निराकारमोंकारवेद्यम्। यतो जायते पाल्यते येन विश्वं तमीशं...